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बिहार Weather Update: समस्तीपुर समेत 20 जिलों में उमस का कहर, बक्सर-भागलपुर सहित 18 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट

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बिहार में मानसून सक्रिय है। मौसम विभाग ने बक्सर, भागलपुर, जमुई समेत 18 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। समस्तीपुर समेत 20 जिलों में उमस भरी गर्मी का असर रहेगा। जुलाई में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई गई है।

पटना/आलम की खबर: बिहार में मानसून सक्रिय रहने के बावजूद मौसम का मिजाज पूरी तरह एक जैसा नहीं रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को राज्य के 18 जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि समस्तीपुर समेत 20 जिलों में बारिश की संभावना बेहद कम रहने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने जुलाई महीने को लेकर भी चिंता बढ़ाने वाला पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग का कहना है कि पूरे महीने सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ सकती है और तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।

शुक्रवार के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण बिहार के बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल और औरंगाबाद जिलों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तर एवं पूर्वी बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा और खगड़िया में भी बादल छाए रहने और बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा अंग क्षेत्र के भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है।

दूसरी ओर समस्तीपुर, पटना, दरभंगा, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, लखीसराय, बेगूसराय, शेखपुरा, मधुबनी, शिवहर, सीतामढ़ी, सारण और अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि तेज धूप और वातावरण में नमी बढ़ने से लोगों को उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बादलों की आवाजाही के बावजूद कई इलाकों में बारिश नहीं होने से गर्मी का असर अधिक महसूस होगा।

पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी पटना सहित बक्सर, बेगूसराय, जमुई, किशनगंज और खगड़िया में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इस वर्षा के कारण कई स्थानों पर अधिकतम तापमान में लगभग तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हालांकि इसी दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में वज्रपात की घटनाओं में जान-माल के नुकसान की भी खबरें सामने आईं, जिसके बाद मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।

गुरुवार को राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान सीवान में 36.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद मोतिहारी में 36 डिग्री, गया और वाल्मीकिनगर में 35.6 डिग्री तथा पटना और सुपौल में 35.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान रोहतास के डेहरी में 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। कोसी और बागमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। खगड़िया में तेज बहाव के कारण कई स्थानों पर कटाव का खतरा बढ़ गया है। वहीं मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ गई है। जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

मौसम विभाग का जुलाई में सामान्य से कम बारिश का अनुमान कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह जून महीने का कमजोर मानसून रहा है। आंकड़ों के अनुसार जून में पूरे बिहार में केवल 87.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य औसत से लगभग 46 प्रतिशत कम रही। कम बारिश के कारण कई जिलों में खेती की तैयारी प्रभावित हुई है और धान की रोपाई पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि 29 जून को सुपौल के सरायगढ़-भपटियाही में 196.4 मिलीमीटर रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन यह वर्षा पूरे राज्य में मानसून की कमी को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं रही। जून के दौरान राज्य के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का भी सामना करना पड़ा। सबसे अधिक तापमान डेहरी में 43.6 डिग्री सेल्सियस तथा राजधानी पटना में 41.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई में मानसून की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और समय-समय पर नया पूर्वानुमान जारी किया जाएगा।

फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि जिन जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना है वहां अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाएं तथा किसानों को भी मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही खेतों में काम करने की सलाह दी गई है।

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जुलाई में कम बारिश की आशंका बढ़ाएगी किसानों की चिंता

बिहार में जून महीने के दौरान सामान्य से 46 प्रतिशत कम वर्षा होना पहले ही कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन चुका है। अब मौसम विभाग ने जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो धान की रोपाई, सिंचाई व्यवस्था और खरीफ फसलों पर सीधा असर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों के लिए मौसम के हर अपडेट पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। सरकार और कृषि विभाग को भी सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में पहले से तैयारी करनी होगी ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।

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